दिल्ली हवाई अड्डे का तीसरा रनवे फिर शुरू: मरम्मत का काम पूरा, उड़ानों की आवाजाही होगी आसान

नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का तीसरा रनवे रविवार से दोबारा शुरू हो गया। मरम्मत और उन्नयन का काम पूरा होने के बाद जरूरी जांच तथा नियामकीय मंजूरियां मिल जाने पर इसे विमानों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। इससे हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन और सुगम होने की उम्मीद है।
इस रनवे को 11आर-29एल के नाम से जाना जाता है। इसके पुनरुद्धार का काम इस साल फरवरी में शुरू हुआ था। इस दौरान रनवे की सतह को नए सिरे से तैयार किया गया और उससे जुड़ी तकनीकी प्रणालियों को दुरुस्त किया गया। काम पूरा होने के बाद विमानन नियामक की ओर से आवश्यक परीक्षण कराए गए।
क्षमता बढ़ने से घटेगा इंतजार
दिल्ली हवाई अड्डा देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। तीसरे रनवे के दोबारा उपलब्ध होने से विमानों को उतरने और उड़ान भरने के लिए इंतजार कम करना पड़ेगा। व्यस्त समय में हवा में चक्कर लगाने की अवधि घटने से ईंधन की भी बचत होगी।
- रनवे: 11आर-29एल, हवाई अड्डे का तीसरा रनवे
- काम शुरू: पुनरुद्धार का कार्य इस साल फरवरी में आरंभ
- संचालन: जांच और मंजूरियों के बाद रविवार से आवाजाही बहाल
यात्रियों को मिलेगी राहत
रनवे के बंद रहने के दौरान शेष रनवे पर दबाव बढ़ गया था, जिसका असर कई बार उड़ानों के समय पर पड़ता था। अब तीनों रनवे उपलब्ध होने से समय-पालन बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। त्योहारों के मौसम में यात्रियों की संख्या बढ़ने से पहले यह व्यवस्था बहाल होना राहत की बात मानी जा रही है।
हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी के मुताबिक रनवे की सतह, प्रकाश व्यवस्था और दिशा-निर्देशन से जुड़े उपकरणों की जांच पूरी कर ली गई है। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इसे खोला गया है।
दिल्ली हवाई अड्डे पर बीते वर्षों में टर्मिनल क्षमता बढ़ाने, सामान प्रबंधन प्रणाली सुधारने और आवाजाही तेज करने के कई काम हुए हैं। रनवे का पुनरुद्धार भी इसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले हवाई यातायात को संभाला जा सके।
