आगरा मेट्रो: पांच और स्टेशन बनकर तैयार, आईएसबीटी तक दौड़ेगी ट्रेन; 10 अक्तूबर की नई तारीख प्रस्तावित

आगरा: आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर पर सफर का दायरा बढ़ने जा रहा है। ताज पूर्वी गेट से आईएसबीटी तक ट्रेन चलाने के लिए शासन की ओर से 10 अक्तूबर की नई प्रस्तावित तारीख भेजी गई है। इससे पहले 20 सितंबर को इस खंड पर संचालन शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन तय समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं। अब पांच नए स्टेशन यात्रियों के लिए खुलने की कतार में हैं।
आगरा मेट्रो का कॉरिडोर-1 ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा तक प्रस्तावित है और इसमें कुल 13 स्टेशन हैं। फिलहाल ताज पूर्वी गेट से बिजलीघर तक छह स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन हो रहा है। यही वह हिस्सा है जिससे शहर के लोगों और पर्यटकों को सबसे ज्यादा राहत मिली है, क्योंकि ताजमहल और आगरा किला जैसे स्मारकों तक पहुंचना आसान हो गया है।
आगे के पांच स्टेशन पूरी तरह तैयार
अगले चरण में जिन पांच स्टेशनों को जोड़ा जाना है, उनका निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी शामिल हैं। इन स्टेशनों के जुड़ने से मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों और तीमारदारों, आगरा कॉलेज तथा आरबीएस कॉलेज के विद्यार्थियों और बस अड्डे से आने-जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
- कॉरिडोर-1: ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा तक, कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित
- अभी संचालन: ताज पूर्वी गेट से बिजलीघर तक छह स्टेशनों के बीच
- अगला विस्तार: एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी
खंदारी पर नहीं होगा ठहराव
इस खंड में खंदारी पर कोई स्टेशन नहीं बनाया गया है, इसलिए वहां ट्रेन नहीं रुकेगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा के मुताबिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और संचालन से पहले की जांच तथा मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया चल रही है। तारीख तय होते ही यह खंड यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
आगे की योजना में मेट्रो को छलेसर, रुनकता और हवाई अड्डे की ओर बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। इन इलाकों के जुड़ने पर शहर का बड़ा हिस्सा मेट्रो नेटवर्क के दायरे में आ जाएगा और आसपास के कस्बों से आने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
मेट्रो के विस्तार से आगरा में सार्वजनिक परिवहन का ढांचा मजबूत होगा। ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ रोजाना दफ्तर, अस्पताल और बाजार जाने वाले लोगों के लिए भी यह सुविधा समय और खर्च दोनों की बचत करेगी। सड़कों पर वाहनों का दबाव घटने से प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
