कानपुर को त्योहारी सौगात: गोविंदपुरी पर रुकेगी राजस्थान जाने वाली द्विसाप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

कानपुर: त्योहारों पर घर लौटने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। सूबेदारगंज और भगत की कोठी के बीच चलने वाली द्विसाप्ताहिक त्योहार स्पेशल ट्रेन का ठहराव अब गोविंदपुरी स्टेशन पर भी होगा। यह सुविधा एक अक्तूबर से एक दिसंबर तक मिलेगी और इस दौरान ट्रेन दोनों दिशाओं में 18-18 फेरे लगाएगी।
कानपुर और आसपास के जिलों से राजस्थान की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह ठहराव खासा उपयोगी साबित होगा। अब तक इस मार्ग के कई यात्रियों को स्पेशल गाड़ी पकड़ने के लिए दूसरे स्टेशन तक का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। नए ठहराव के बाद वे अपने ही शहर से सीधे सवार हो सकेंगे।
जाते समय का समय-चक्र
गाड़ी संख्या 04193 सोमवार और बृहस्पतिवार को शाम 7:25 बजे सूबेदारगंज से रवाना होगी और रात 10:20 बजे गोविंदपुरी पहुंचेगी। यहां पांच मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन आगे बढ़ेगी और इटावा, आगरा कैंट, मथुरा, अलवर, जयपुर, मकराना तथा मेड़ता रोड होते हुए अगले दिन शाम 5:40 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी।
वापसी में कब चलेगी गाड़ी
वापसी में गाड़ी संख्या 04194 मंगलवार और शुक्रवार को रात 8:40 बजे भगत की कोठी से चलेगी। यह गाड़ी अगले दिन दोपहर तीन बजे गोविंदपुरी पहुंचेगी और 3:05 बजे यहां से रवाना होकर शाम 7:30 बजे सूबेदारगंज पहुंच जाएगी। दोनों दिशाओं में ठहराव का समय पांच मिनट रखा गया है।
किन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा
- राजस्थान में काम करने वाले परिवार: जोधपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले कामगारों को त्योहारों पर सीधी गाड़ी का विकल्प मिलेगा।
- कानपुर और आसपास के यात्री: गोविंदपुरी से सवार होकर जयपुर, अलवर और मथुरा तक का सफर बिना गाड़ी बदले तय किया जा सकेगा।
- बीच के स्टेशनों के यात्री: इटावा, आगरा कैंट और मकराना जैसे ठहरावों के कारण इस पूरे मार्ग पर अतिरिक्त विकल्प बनेगा।
भीड़ के दबाव को बांटने की कोशिश
त्योहारों के मौसम में नियमित गाड़ियों पर यात्रियों का दबाव तेजी से बढ़ता है और प्रतीक्षा सूची लंबी हो जाती है। इसी दबाव को बांटने के लिए हर साल अतिरिक्त फेरों वाली विशेष गाड़ियां चलाई जाती हैं। बीच के बड़े स्टेशनों पर ठहराव जोड़ने से इन गाड़ियों की पहुंच और बढ़ जाती है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले गाड़ी के समय और ठहराव की पुष्टि कर लें, क्योंकि विशेष गाड़ियों का संचालन तय अवधि तक ही रहता है। आरक्षण जल्दी करा लेने पर सीट मिलने की संभावना भी बेहतर रहती है।
