एशियन गेम्स 2026 के 5वें दिन भारत की झोली में आए 5 पदक

एशियन गेम्स 2026 का पांचवां दिन भारत के लिए पदकों और रिकॉर्ड्स के लिहाज से बेहद शानदार रहा। भारतीय एथलीटों ने 1 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 5 पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 17 (1 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य) हो गई है।
वुशु में रोशिबिना देवी ने लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक जीतकर नया इतिहास रचा, वहीं भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को 8-2 से रौंदकर 64 साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके अलावा कबड्डी में महिला और पुरुष दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर मेडल पक्का कर लिया है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- भारत का मेडल काउंट: 1 गोल्ड, 7 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज के साथ कुल 17 पदक।
- रोशिबिना का कीर्तिमान: वुशु में सिल्वर जीतकर लगातार तीन एशियन गेम्स (2018, 2023, 2026) में मेडल जीतने वाली देश की पहली महिला बनीं।
- एथलेटिक्स में कमाल: मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में सिल्वर; सीमा कुमारी ने 10,000 मीटर दौड़ में 16 साल बाद भारत को ब्रॉन्ज दिलाया।
- हॉकी में ऐतिहासिक जीत: भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया; एशियन गेम्स में कोरिया के खिलाफ यह भारत की सबसे बड़ी जीत है।
- कबड्डी में मेडल पक्का: महिला टीम ने जापान को 50-25 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह; पुरुष टीम भी सेमीफाइनल में पहुंची।
वुशु: रोशिबिना ने रचा इतिहास, लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक
वुशु के 60 किलोग्राम सांडा वर्ग के फाइनल में भारत की स्टार खिलाड़ी रोशिबिना देवी को चीन की झांग शियाओयू से 0-2 (दोनों राउंड 5-0) से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इस रजत के साथ रोशिबिना लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। इससे पहले उन्होंने 2018 जकार्ता में कांस्य और 2023 हांगझोउ में रजत पदक जीता था।
एथलेटिक्स: मिक्स्ड रिले में सिल्वर, 10,000 मीटर में सीमा का कमाल
- 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले: पूवम्मा माचेत्तिरा, विशाल थेनारासु, विथ्या रामराज और मनु थेक्कानिल की चौकड़ी ने 3:14.46 का समय निकालकर रजत पदक जीता। भारत एक समय पीछे चल रहा था, लेकिन शानदार वापसी करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। भारत का इस स्पर्धा में यह लगातार तीसरा एशियन गेम्स मेडल है।
- 10,000 मीटर दौड़: सीमा कुमारी ने 32:50.05 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। यह इस एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में पहला पदक है। भारत ने महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में 16 साल बाद कोई पदक जीता है।
शूटिंग और रोइंग में कांस्य पदक
- शूटिंग (मिक्स्ड स्कीट): अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने फाइनल में 44 अंक हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। दोनों निशानेबाजों का मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है।
- रोइंग (डबल स्कल्स): सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों की डबल स्कल्स में 6:13.25 का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं, सिंगल स्कल्स में बलराज पंवार बेहद करीबी अंतर से पदक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे।
हॉकी: कोरिया के खिलाफ 8-2 की ऐतिहासिक जीत
पुरुष हॉकी के पूल-ए मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को एकतरफा अंदाज में 8-2 से रौंद दिया। भारत ने पहले हाफ में ही 5-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। भारत के लिए अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने 2-2 गोल दागे, जबकि शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह और राजिंदर सिंह ने 1-1 गोल किया। एशियन गेम्स के इतिहास में कोरिया के खिलाफ भारत की यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले 1962 में भारत ने कोरिया को 5-0 से हराया था।
कबड्डी: दोनों टीमें सेमीफाइनल में, मेडल पक्का
- महिला टीम: डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने जापान को 50-25 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और अपना पदक पक्का किया।
- पुरुष टीम: भारतीय टीम ने चीनी ताइपे को 37-21 से शिकस्त दी। टीम पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है, जहां 25 सितंबर को उसका मुकाबला थाईलैंड से होगा।
अन्य प्रमुख परिणाम:
- ट्रिपल जंप (दुर्भाग्यपूर्ण हार): आशा इलांगो 13.83 मीटर की छलांग लगाने के बावजूद काउंटबैक नियम (कमतर दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रयास) के चलते कांस्य पदक से चूक गईं और चौथे स्थान पर रहीं।
- स्क्वैश: अनाहत सिंह और तन्वी खन्ना अपने-अपने मुकाबले जीतकर महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं, जहां दोनों का आमना-सामना होगा। पुरुष एकल में अभय सिंह और वीर चोत्रानी भी अंतिम-8 में पहुंचे।
- मुक्केबाजी: महिलाओं के 65 किग्रा में परवीन को वॉकओवर मिला और वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, जबकि 51 किग्रा में साक्षी चौधरी 2-3 से हारकर बाहर हो गईं।
- जिम्नास्टिक व तलवारबाजी: वॉल्ट स्पर्धा में प्रणति नायक छठे स्थान पर रहीं। वहीं, तलवारबाजी में सीए भवानी देवी और श्रेया गुप्ता प्री-क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं।
