हल्द्वानी में BJP का चुनावी मंथन: राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में कोर कमेटी की बैठक, 2027 के लिए बना मेगा प्लान

हल्द्वानी: उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभी से अपनी संगठनात्मक ताकत झोंक दी है। हल्द्वानी में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति के अंतिम सत्र में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर चुनावी तैयारियों का शंखनाद किया। इसके बाद उनकी अध्यक्षता में कोर कमेटी की एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की मुकम्मल रणनीति पर गंभीर मंथन किया गया।
बूथ और शक्ति केंद्र जीत की कुंजी, 3 बार दायित्व संभाल चुके वरिष्ठों का मिलेगा साथ
बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर अभेद्य बनाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि किसी भी चुनावी विजय की बुनियाद बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती होती है। इसलिए कार्यकर्ताओं को हर एक बूथ और शक्ति केंद्र पर 24 घंटे सक्रिय रहने की जरूरत है।
बैठक में एक खास रणनीति के तहत उन वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए, जो संगठन में तीन बार अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन अनुभवी कार्यकर्ताओं की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक तजुर्बे का लाभ उठाकर आगामी चुनाव में पार्टी को और मजबूत स्थिति में लाया जा सकता है।
मोर्चों और प्रकोष्ठों को सक्रिय करने के निर्देश: महेंद्र भट्ट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों से भी सीधा संवाद किया।
महेंद्र भट्ट ने कहा, "राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक धारदार बनाने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का विशेष ध्यान नए बने बूथों की मजबूती और शक्ति केंद्रों को लगातार सक्रिय रखने पर रहेगा। सरकार के विकास कार्यों और संगठन के सेवा कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का खाका तैयार कर लिया गया है।"
कोर कमेटी की बैठक में 2027 का रोडमैप तैयार
कार्यसमिति की समाप्ति के बाद नितिन नवीन की अध्यक्षता में बीजेपी कोर कमेटी की विशेष बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए व्यापक चुनावी रणनीति, संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा और आगामी अभियानों की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से काफी पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में हुई इस बैठक ने साफ कर दिया है कि भाजपा उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है।
