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महंगे सप्लीमेंट की जरूरत नहीं, रसोई की इन सस्ती चीजों से पूरी हो सकती है आयरन की कमी

15 September 2026
महंगे सप्लीमेंट की जरूरत नहीं, रसोई की इन सस्ती चीजों से पूरी हो सकती है आयरन की कमी

नई दिल्ली: शरीर में आयरन की कमी सबसे आम पोषण संबंधी समस्याओं में गिनी जाती है, लेकिन इसे दूर करने के लिए हमेशा महंगे सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की रसोई में मौजूद कई सस्ती चीजें आयरन का अच्छा स्रोत हैं। जरूरत सिर्फ यह जानने की है कि किसमें कितना आयरन है और उसे शरीर तक ठीक से पहुंचाया कैसे जाए।

आयरन शरीर के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि यह खून के जरिये ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर कमजोरी और थकान महसूस होती है और लंबे समय तक कमी बनी रहे तो एनीमिया हो सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को सामान्य बनाए रखने के लिए भी आयरन जरूरी माना जाता है।

रोज कितने आयरन की जरूरत

  • पुरुष: वयस्क पुरुषों को रोजाना लगभग 8.7 मिलीग्राम आयरन चाहिए।
  • महिलाएं: 19 से 50 वर्ष की महिलाओं को करीब 14.8 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है।

रसोई में ही मौजूद हैं विकल्प

हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक को रोजमर्रा का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। दालों और साबुत अनाज में काला चना, राजमा, मसूर दाल और सोयाबीन आयरन के अच्छे स्रोत हैं। बीजों में तिल और कद्दू के बीज को आहार में शामिल किया जा सकता है। सूखे मेवों में किशमिश और सूखी खुबानी भी आयरन देती हैं और इन्हें नाश्ते या दोपहर के हल्के आहार में आसानी से जोड़ा जा सकता है।

मांसाहार करने वालों के लिए लगभग 100 ग्राम रेड मीट से करीब 2.7 मिलीग्राम आयरन मिलता है। इसके साथ प्रोटीन, कॉपर, सेलेनियम और बी समूह के विटामिन भी मिलते हैं, और इससे मिलने वाला आयरन शरीर आसानी से सोख लेता है। हालांकि विशेषज्ञ इसकी अधिक मात्रा से बचने की सलाह देते हैं। मछली से आयरन के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मिलता है।

चाय-कॉफी को लेकर सावधानी

आयरन से भरपूर भोजन खाने भर से काम पूरा नहीं होता, यह भी मायने रखता है कि शरीर उसे सोख पा रहा है या नहीं। भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से आयरन के अवशोषण में रुकावट आती है। इसलिए बेहतर माना जाता है कि खाने और चाय के बीच कुछ अंतराल रखा जाए।

लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर जैसी परेशानी बनी रहे तो खानपान में बदलाव के साथ जांच कराना भी जरूरी है, ताकि कमी की असल वजह पता चल सके और सही समय पर उपचार शुरू हो। यह जानकारी सामान्य पोषण संबंधी समझ पर आधारित है और किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।