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केदारनाथ पैदल मार्ग चीरबासा के पास हुआ चौड़ा और मजबूत, तीन घंटे के काम के बाद फिर शुरू हुई यात्रा

20 September 2026
केदारनाथ पैदल मार्ग चीरबासा के पास हुआ चौड़ा और मजबूत, तीन घंटे के काम के बाद फिर शुरू हुई यात्रा

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप क्षतिग्रस्त हिस्से के सुधारीकरण और चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। इस काम के लिए शनिवार को सुबह छह से नौ बजे तक तीन घंटे पैदल आवाजाही रोकी गई थी। काम पूरा होते ही सुबह नौ बजे के बाद सोनप्रयाग से गौरीकुंड और केदारनाथ धाम के लिए यात्रियों की पैदल यात्रा फिर शुरू करा दी गई।

गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर चीरबासा के पास पैदल मार्ग पिछले दिनों भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। दिन के समय यात्रियों की लगातार आवाजाही के चलते मार्ग के सुधारीकरण और चौड़ीकरण में दिक्कत आ रही थी। ऐसे में आगे यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुबह के शांत समय में ही यह काम कराने का निर्णय लिया गया।

सुबह के तीन घंटे चुने गए काम के लिए

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि चीरबासा में मार्ग सुधारीकरण के लिए सुबह छह से नौ बजे तक यात्रियों की आवाजाही रोकी गई थी। काम पूरा होने के बाद सुबह नौ बजे से सोनप्रयाग से यात्रियों को आगे भेजना शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए आवश्यक सतर्कता लगातार बरती जा रही है।

अनाउंसमेंट कर पहले ही दी गई जानकारी

कोतवाली सोनप्रयाग के प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी ने बताया कि इस दौरान पुलिस की ओर से स्थानीय स्तर पर लगातार अनाउंसमेंट कराया गया। यात्रियों को मार्ग बंद रहने और दोबारा यात्रा शुरू होने के समय की जानकारी पहले ही दे दी गई थी, जिससे किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं हुई और भीड़ भी नियंत्रित रही।

यात्रियों के लिए क्या बदला

  • चौड़ा रास्ता: चीरबासा के पास का संकरा हिस्सा अब पहले से चौड़ा कर दिया गया है।
  • मजबूती: भूस्खलन से कमजोर हुए हिस्से को दोबारा मजबूत किया गया है।
  • समय प्रबंधन: मरम्मत का काम सुबह के उस समय में कराया गया, जब पैदल यात्रियों का दबाव सबसे कम रहता है।

केदारनाथ धाम का यह पैदल मार्ग गौरीकुंड से शुरू होकर करीब 16 किलोमीटर लंबा है और हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते से धाम तक पहुंचते हैं। बारिश के मौसम के बाद मार्ग के संवेदनशील हिस्सों की मरम्मत और चौड़ीकरण का काम लगातार कराया जा रहा है, ताकि आगे की यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।