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दिल्ली से दो दिन की छुट्टी में पहाड़, झील और जंगल, पांच हजार के बजट में ये चार ठिकाने

18 September 2026
दिल्ली से दो दिन की छुट्टी में पहाड़, झील और जंगल, पांच हजार के बजट में ये चार ठिकाने

नई दिल्ली: वीकेंड आते ही शहर की भागदौड़ से दूर कहीं शांत जगह जाने का मन करता है, लेकिन बजट और समय दोनों आड़े आ जाते हैं। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन हैं और करीब पांच हजार रुपये का बजट है, तो दिल्ली और आसपास के इलाके से कई खूबसूरत जगहों का प्लान बनाया जा सकता है। इसके लिए न लंबी छुट्टी चाहिए और न महंगी बुकिंग।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि पांच हजार रुपये का बजट यात्रा के साधन, होटल, खाने और सीजन के हिसाब से घट-बढ़ सकता है। इसलिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, बजट होमस्टे का चुनाव और पहले से टिकट बुक करना काफी मददगार साबित होता है।

पहाड़ और झील एक साथ

  • मोर्नी हिल्स, हरियाणा: पंचकूला जिले में स्थित यह हरियाणा का प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां पहाड़ियों के साथ टिक्कर ताल की खूबसूरती देखने को मिलती है। झील के आसपास की हरियाली और पहाड़ी वातावरण शहर की भीड़ से बिल्कुल अलग अनुभव देता है। दो दिन में यहां और आसपास के इलाके आराम से घूमे जा सकते हैं।
  • ऋषिकेश, उत्तराखंड: पहाड़, गंगा और रोमांच एक साथ चाहिए तो यह बेहतरीन विकल्प है। दिल्ली से बस के जरिये यहां पहुंचना अपेक्षाकृत आसान है। गंगा किनारे घूमने और घाट देखने के अलावा ट्रेकिंग तथा रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियां लोकप्रिय हैं, हालांकि इनका खर्च अलग से जुड़ता है।

भीड़ से दूर और जंगल के बीच

  • लैंसडाउन, उत्तराखंड: जो लोग भीड़भाड़ से दूर शांत पहाड़ी माहौल चाहते हैं, उनके लिए यह आकर्षक ठिकाना है। देवदार के पेड़, पहाड़ी रास्ते और आसपास के जंगल इसे खास बनाते हैं। यहां बस या साझा टैक्सी से पहुंचा जा सकता है और बजट होमस्टे चुनने पर खर्च नियंत्रण में रहता है।
  • सरिस्का, राजस्थान: अगर पहाड़ों से ज्यादा जंगल पसंद हैं तो यह अलग अनुभव देगा। सरिस्का टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी यहां का प्रमुख आकर्षण है। आसपास ऐतिहासिक स्थल और अरावली का प्राकृतिक वातावरण भी देखा जा सकता है। सफारी की फीस और उपलब्धता बदलती रहती है, इसलिए जाने से पहले आधिकारिक जानकारी देख लेना बेहतर है।

इन चारों जगहों की खूबी यह है कि किसी में सुबह की शुरुआत पहाड़ों के बीच होती है तो किसी में शाम झील के किनारे या जंगल सफारी के साथ बीतती है। दो दिन की छुट्टी में इतना बदलाव ही थकान उतारने के लिए काफी होता है।

बजट यात्रा की योजना बनाते समय सबसे बड़ा खर्च आने-जाने का होता है, इसलिए बस या ट्रेन की टिकट पहले से बुक करना समझदारी है। रहने के लिए होमस्टे चुनने से न सिर्फ खर्च घटता है, बल्कि स्थानीय जीवन को करीब से देखने का मौका भी मिल जाता है।