भारत ने भूटान को सौंपीं 43 शुद्ध जर्सी गायें, 40 हजार किसानों तक पहुंचेगा दूध उत्पादन कार्यक्रम

बूमथांग: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भूटान दौरे के दौरान बूमथांग पहुंचकर भारत की ओर से 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें सौंपीं। उन्होंने नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया और कहा कि ये गायें भूटान के डेयरी कार्यक्रम को मजबूती देंगी, दूध उत्पादन बढ़ाएंगी और स्थानीय किसानों को सहारा देंगी।
विदेश मंत्री ने सामाजिक मंच पर लिखा कि बूमथांग के नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया। भारत से 43 शुद्ध जर्सी गायें सौंपीं ताकि दूध उत्पादन बढ़े और किसानों को सहारा मिले। खुशी है कि यह कार्यक्रम 40 हजार किसानों तक पहुंचेगा।
विरासत और आस्था के ठिकानों पर भी गए
इसी यात्रा में विदेश मंत्री ने ऐतिहासिक वांगदुएछोलिंग पैलेस और उससे जुड़े संग्रहालय को भी देखा। कभी यह इमारत शाही निवास और दरबार हुआ करती थी और आज यह भूटान के इतिहास, कला, शिल्प तथा स्थापत्य की झलक दिखाती है। उन्होंने कहा कि यह इमारत आधुनिक भूटान के निर्माण में राजतंत्र की भूमिका का प्रमाण है।
विदेश मंत्री ने पवित्र कुर्जे ल्हाखांग में भी प्रार्थना की। उन्होंने लिखा कि पवित्र कुर्जे ल्हाखांग में श्रद्धा व्यक्त की और हमारे लोगों तथा भारत-भूटान संबंधों की भलाई के लिए प्रार्थना की।
कई परियोजनाओं की शुरुआत
यात्रा के दौरान उन्होंने भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डीएन ढुंगयेल से मुलाकात की। दोनों के बीच विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, संपर्क, संस्कृति और लोगों के आपसी रिश्तों पर बातचीत हुई। विदेश मंत्री ने कहा कि इस चर्चा में दोनों देशों का आपसी भरोसा और सद्भाव साफ झलकता है।
- अवधि: यह आधिकारिक यात्रा 16 और 17 सितंबर को भूटानी समकक्ष के निमंत्रण पर हुई।
- मुलाकातें: विदेश मंत्री ने नरेश जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से भेंट की और प्रधानमंत्री छेरिंग तोबगे से भी मुलाकात हुई।
- परियोजनाएं: बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र की कई बड़ी द्विपक्षीय परियोजनाओं की शुरुआत की।
पशुपालन भूटान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। बेहतर नस्ल की गायें मिलने से वहां के छोटे किसानों की आमदनी बढ़ने और दुग्ध उत्पादों की स्थानीय आपूर्ति मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
