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जापान में पहली बार एक लाख से ज्यादा लोग शतायु, सौ पार की आबादी में 87.6 प्रतिशत महिलाएं

18 September 2026
जापान में पहली बार एक लाख से ज्यादा लोग शतायु, सौ पार की आबादी में 87.6 प्रतिशत महिलाएं

टोक्यो: जापान ने दीर्घायु के मामले में एक नया पड़ाव पार कर लिया है। वहां पहली बार सौ साल या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक यह संख्या 1,07,677 दर्ज की गई है।

इस आंकड़े का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि सौ पार कर चुके लोगों में 87.6 प्रतिशत महिलाएं हैं। यानी हर दस शतायु लोगों में करीब नौ महिलाएं हैं। यह अनुपात दुनिया भर में उम्र और स्वास्थ्य पर काम कर रहे शोधकर्ताओं के लिए लंबे समय से अध्ययन का विषय रहा है।

लंबी उम्र के पीछे क्या

आंकड़ों के साथ जो वजहें बताई गई हैं, उनमें सबसे ऊपर बेहतर खान-पान है। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधाओं की व्यापक पहुंच और नियमित स्वास्थ्य देखभाल को भी अहम कारण माना गया है। स्वस्थ आहार और सक्रिय जीवनशैली को लंबी आयु की बुनियाद बताया गया है।

जापान में बुजुर्गों का बड़ी उम्र तक सक्रिय रहना सामान्य बात मानी जाती है। रोजमर्रा की गतिविधियों में हिस्सेदारी, पैदल चलने की आदत और संतुलित भोजन ऐसे पहलू हैं, जिन्हें वहां की जीवनशैली का स्वाभाविक हिस्सा माना जाता है।

आंकड़े एक नजर में

  • कुल संख्या: सौ साल या उससे अधिक उम्र के 1,07,677 लोग, जो पहली बार एक लाख के पार है।
  • महिलाओं की हिस्सेदारी: सौ पार की आबादी में 87.6 प्रतिशत महिलाएं हैं।
  • बताए गए कारण: बेहतर खान-पान, चिकित्सा सुविधाएं और नियमित स्वास्थ्य देखभाल।

यह उपलब्धि सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और जीवनशैली के दीर्घकालिक असर का संकेत भी है। स्वस्थ भोजन और नियमित जांच जैसी आदतें किस तरह पूरी आबादी की औसत आयु बदल सकती हैं, जापान का यह आंकड़ा उसका जीता-जागता उदाहरण माना जा रहा है।

एक लाख का आंकड़ा पार होना इस बात का भी संकेत है कि लंबी उम्र अब अपवाद नहीं, बल्कि एक बड़ी आबादी का अनुभव बनती जा रही है। ऐसे समाज में बुजुर्गों की देखभाल, उनके लिए उपयुक्त आवास और उन्हें सक्रिय बनाए रखने वाली सामाजिक व्यवस्थाएं उतनी ही अहम हो जाती हैं, जितनी चिकित्सा सुविधाएं। यही वजह है कि दुनिया भर के नीति-निर्माता जापान के इन आंकड़ों को ध्यान से देखते हैं।