रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र, एक लाख करोड़ की नई योजना का ऐलान

नई दिल्ली: देशभर के हजारों युवाओं के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। बीसवें रोजगार मेले के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को सरकारी विभागों और संगठनों में नियुक्ति के पत्र दिए गए।
इस मौके पर प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की चर्चा हुई, जिसके लिए करीब एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का लक्ष्य करीब दो करोड़ युवाओं को कार्यबल में शामिल होने में मदद करना है।
पहली नौकरी पर मिलेगी मदद
- युवाओं के लिए: पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को 15 हजार रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान है।
- नियोक्ताओं के लिए: नए रोजगार पैदा करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- लक्ष्य: योजना के जरिये करीब दो करोड़ युवाओं तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
व्यापार समझौतों से खुल रहे नए रास्ते
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजार खुले हैं। इन समझौतों से निर्यात से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार और करियर के नए अवसर बन रहे हैं।
कौशल विकास पर बड़ा जोर
युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने जैसे कदमों का उल्लेख किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सेतु पहल की जानकारी दी गई, जिसके तहत देश की एक हजार सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
इस पहल पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसमें उद्योग जगत की सीधी भागीदारी रखी गई है, ताकि प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं को उद्योग की मौजूदा जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण है और युवाओं को इसका सबसे बड़ा आधार बताया गया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चर्चा
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स कनेक्ट और ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग पोर्टल जैसी पहल शुरू की गई हैं, जिनका मकसद उद्यमियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को इस मंच से जोड़ना है।
रोजगार मेले की शुरुआत विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने के उद्देश्य से की गई थी। चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अपने-अपने विभागों में कार्यभार संभालना होगा।
