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एक लाख साल से भी लंबी कहानी: चीन की गुफा ने खोले रहस्यमयी डेनिसोवन मानवों के जीवन के राज

14 September 2026
एक लाख साल से भी लंबी कहानी: चीन की गुफा ने खोले रहस्यमयी डेनिसोवन मानवों के जीवन के राज

युन्नान: दक्षिण-पश्चिम चीन की एक गुफा ने रहस्यमयी डेनिसोवन मानवों के जीवन से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब दिए हैं। नए अध्ययन के मुताबिक यह गुफा बताती है कि डेनिसोवन एक लाख वर्ष से भी लंबे समय तक यहां कैसे रहे, कैसे जीवित रहे और बदलते माहौल में खुद को कैसे ढालते रहे।

नेचर पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन युन्नान प्रांत की बियानफू गुफा से मिले जीवाश्मों, पत्थर और हड्डी के औजारों, जानवरों के अवशेषों और पर्यावरणीय रिकॉर्ड को एक साथ जोड़ता है। यह डेनिसोवन से जुड़े सबसे लंबे सांस्कृतिक अभिलेखों में गिना जा रहा है।

दांत, खोपड़ी के टुकड़े और तेरह सौ से ज्यादा औजार

गुफा से दांत, खोपड़ी के टुकड़े और एक बांह की हड्डी जैसे जीवाश्म मिले हैं। इनके साथ तलछट की परतों में तेरह सौ से अधिक पत्थर के औजार भी मिले हैं, जो वहां लंबे समय तक मानवीय गतिविधि का प्रमाण देते हैं।

अध्ययन के मुख्य लेखक यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग के एनवायरनमेंटल फ्यूचर्स रिसर्च सेंटर के प्रोफेसर बो ली हैं, जिन्होंने ल्यूमिनेसेंस और यूरेनियम-सीरीज डेटिंग का काम संभाला। वे इससे पहले साइबेरिया की डेनिसोवा गुफा और तिब्बती पठार की बैशिया कार्स्ट गुफा में भी डेटिंग का नेतृत्व कर चुके हैं।

रेत के कणों और गुफा की परतों से बनी समयरेखा

प्रोफेसर ली के मुताबिक डेटिंग का अर्थ एक लाख नब्बे हजार वर्ष से भी पीछे तक जाती समयरेखा को फिर से खड़ा करना था। इसके लिए दबी हुई रेत के कणों में ल्यूमिनेसेंस मापी गई और गुफा की परतों तथा दांत के इनेमल में यूरेनियम के क्षय का अध्ययन किया गया।

  • जीवाश्मों की आयु: करीब 1,67,000 से 1,34,000 वर्ष पूर्व।
  • बसावट की अवधि: 1,90,000 से 70,000 वर्ष पूर्व तक बार-बार यहां बसावट के प्रमाण।

शिकार के तरीके और आसपास का जंगल

औजारों से पता चलता है कि डेनिसोवन स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल करते हुए व्यावहारिक, लचीला और संसाधनपूर्ण तरीका अपनाते थे। हिरण, जंगली भैंसे और गौर के अवशेषों पर मिले कटान के निशान और टूटने के पैटर्न बताते हैं कि वे बड़े शिकार को सोच-समझकर मारते और उसका प्रसंस्करण करते थे।

परागकणों के अध्ययन से संकेत मिलता है कि आसपास शंकुधारी वन था, जो बदलती हिमयुगीन परिस्थितियों के बीच भी भरोसेमंद संसाधन उपलब्ध कराता रहा। यही वजह रही कि यह स्थान हजारों वर्षों तक बार-बार आबाद होता रहा।

अब तक डेनिसोवन के बारे में जानकारी गिने-चुने जीवाश्मों और एशिया तथा प्रशांत क्षेत्र की आबादियों में मिले आनुवंशिक अंशों तक सीमित थी। बियानफू गुफा का महत्व इसी में है कि यहां पहली बार जीवाश्म, औजार, शिकार के प्रमाण और पर्यावरणीय रिकॉर्ड एक साथ जुड़कर सामने आए हैं। अध्ययन का उद्धरण किजुन रुआन और साथियों के नाम से नेचर में दर्ज है।