बप्पा के स्वागत को सजी दिल्ली: घरों और पंडालों में गणपति की स्थापना, दस दिवसीय उत्सव शुरू

नई दिल्ली: गणपति बप्पा के स्वागत के लिए दिल्ली पूरी तरह तैयार हो गई है। सोमवार को घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना के साथ दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में गणेश उत्सव समितियों ने पंडालों को अंतिम रूप दे दिया है।
कहीं भव्य सजावट की गई है तो कहीं गणेश प्रतिमा के साथ आकर्षक धार्मिक झांकियां तैयार की गई हैं। घरों में भी पूजा स्थल फूलों और रोशनी से सजाए जा रहे हैं। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से मूर्ति की स्थापना के बाद पंडालों में दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
इन पंडालों पर रहेगी सबसे ज्यादा भीड़
गणेश उत्सव के दौरान आरके पुरम, कीर्ति नगर, लक्ष्मी नगर, उत्तम नगर, नेताजी सुभाष प्लेस और मंडी हाउस समेत कई इलाकों में बड़े सार्वजनिक आयोजन हो रहे हैं। इनमें कीर्ति नगर का दिल्ली का राजा, आरके पुरम गणेश उत्सव और नेताजी सुभाष प्लेस का लालबाग का राजा लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगे।
पूर्वी दिल्ली में भी उत्सव की रौनक पूरी तरह दिखाई देने लगी है। लक्ष्मी नगर, शाहदरा, कृष्णा नगर, गांधी नगर, प्रीत विहार, विवेक विहार, दिलशाद गार्डन और यमुना विहार समेत आसपास के इलाकों में विशेष तैयारियां की गई हैं। रविवार को बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ी और कई जगह ढोल-नगाड़ों तथा जयकारों के बीच गणपति की प्रतिमाएं पंडालों तक पहुंचाई गईं।
भक्ति के साथ सुरक्षा के इंतजाम
प्रमुख पंडाल रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और धार्मिक थीम से सजाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन मार्ग, सुरक्षा, स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था की गई है। कई पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और स्वयंसेवकों की तैनाती रहेगी।
- धार्मिक कार्यक्रम: उत्सव के दौरान सुबह-शाम आरती, भजन-कीर्तन, गणेश वंदना, सुंदरकांड पाठ और धार्मिक प्रवचन होंगे।
- सांस्कृतिक आयोजन: कई स्थानों पर संगीत संध्या, नृत्य-नाटिका और बच्चों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं की ओर बढ़ता रुझान
इस बार कई परिवारों ने घरों में पर्यावरण अनुकूल प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की है। विसर्जन के समय जल स्रोतों पर पड़ने वाले असर को देखते हुए यह रुझान लगातार बढ़ रहा है। कई गणेश मंडलों ने उत्सव के जरिये सामाजिक संदेश देने की योजना भी बनाई है।
उत्सव से बाजारों में कारोबार भी तेज हुआ है। मिठाई की दुकानों पर मोदक और लड्डू की मांग बढ़ी है, वहीं फूल, पूजा सामग्री और सजावटी सामान के कारोबारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद है। शाम होते ही पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगेगी और अगले कई दिनों तक दिल्ली गणेश भक्ति के रंग में रंगी नजर आएगी।
