अब साबुन, शैम्पू और टूथपेस्ट पर भी दिखेगा हरा-लाल निशान: केंद्र का बड़ा फैसला, तत्काल प्रभाव से लागू हुआ नियम

उत्तर प्रदेश में भी खान-पान को लेकर सख्त गाइडलाइंस, नवंबर 2026 से होटलों में शाकाहारी-मांसाहारी के लिए अलग किचन अनिवार्य
नई दिल्ली: उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी धार्मिक व व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब दैनिक उपयोग में आने वाली प्रसाधन सामग्रियों (टॉयलेटरीज और कॉस्मेटिक्स) पर भी खाद्य पदार्थों की तरह शाकाहारी या मांसाहारी होने का प्रतीक चिह्न (रेड/ग्रीन डॉट) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। 'लीगल मेट्रोलॉजी (पैक्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011' में किए गए संशोधन के बाद यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
पैकेट के मुख्य डिस्प्ले पर देना होगा प्रतीक चिह्न
नए नियमों के अनुसार, कंपनियों को अब साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, क्रीम और अन्य कॉस्मेटिक्स उत्पादों के फ्रंट डिस्प्ले पैनल पर स्पष्ट रूप से लेबलिंग करनी होगी:
- हरा बिंदु (Green Dot): पूर्णतः शाकाहारी उत्पादों के लिए।
- लाल या भूरा बिंदु (Red/Brown Dot): ऐसे प्रसाधनों के लिए, जिनमें पशु-आधारित किसी भी सामग्री का उपयोग किया गया है।
बता दें कि यह नियम पहले 2014 में नियम 6(8) के रूप में लाया गया था, जिसे अब तकनीकी संशोधनों के साथ नियम 6(4A)(d) में स्थानांतरित किया गया है। इन दावों के वैज्ञानिक सत्यापन और मानकों को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (DTAB) और लीगल मेट्रोलॉजी विभाग को एक एकीकृत व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है।
यूपी के होटल-रेस्तरां में शाकाहारी और मांसाहारी खाना होगा पूरी तरह अलग
पैकेज्ड उत्पादों पर केंद्र के इस फैसले के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी खान-पान उद्योग में क्रॉस-कंटामिनेशन (मिलावट/स्पर्श) रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) के नए मानकों के अनुसार, नवंबर 2026 से राज्य के सभी होटलों, रेस्तरां और फास्ट-फूड काउंटरों पर शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को पूरी तरह अलग रखना अनिवार्य होगा।
रेस्तरां और होटलों के लिए जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
- अलग-अलग किचन: शाकाहारी और मांसाहारी भोजन पकाने के लिए प्रतिष्ठानों को अपने भीतर पूरी तरह से अलग और समर्पित रसोई क्षेत्र (किचन) तैयार करने होंगे।
- बर्तनों व उपकरणों का अलगाव: दोनों श्रेणियों के लिए चाकू, चॉपिंग बोर्ड, कड़ाही, चम्मच और अन्य बर्तन अलग होंगे। शाकाहारी बर्तनों में मांसाहारी सामग्री का संपर्क पूरी तरह वर्जित होगा।
- अलग स्टोरेज और फ्रिज: कच्चे मांस, मछली और पोल्ट्री उत्पादों को रखने के लिए अलग रेफ्रिजरेटर और स्टोरेज स्पेस तय करना होगा, ताकि वे शाकाहारी सामग्री से न छुएं।
लापरवाही पर रद्द होगा लाइसेंस
FSDA ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले या स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में संबंधित होटल या रेस्तरां का लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है।
