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शिरडी साईबाबा संस्थान के नाम एक और उपलब्धि, 3 प्रमुख विभागों को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO मानक

22 September 2026
शिरडी साईबाबा संस्थान के नाम एक और उपलब्धि, 3 प्रमुख विभागों को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO मानक

हाइलाइट्स:

  • श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट (SSST) के तीन प्रमुख विभागों को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO मानक।
  • सुरक्षा विभाग ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए भक्तों को लौटाए 96 लाख रुपये के खोए गहने और कीमती सामान।
  • एशिया के सबसे बड़े डाइनिंग हॉल 'साईं प्रसादालय' और भक्तनिवास को पहले ही मिल चुका है यह सम्मान।
  • बेंगलुरु के साईं भक्त केशवमूर्ति ने उठाया सर्टिफिकेशन रिन्यू कराने का पूरा खर्च।

शिरडी (महाराष्ट्र): विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल शिरडी के 'श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट' (SSST) के नाम एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज हुई है। संस्थान की उच्चस्तरीय प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शी सेवाओं को मान्यता देते हुए इसके तीन प्रमुख विभागों—सुरक्षा विभाग, साईं मंदिर विभाग और जनसंपर्क (PR) विभाग को इंटरनेशनल आईएसओ (ISO) सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है।

यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन इन विभागों के बेहतरीन कार्यप्रणाली, अनुशासित प्रबंधन, पारदर्शी सेवाओं और तय गुणवत्ता मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिया गया है।

6,300 कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान: CEO गोरख गाडिलकर

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गोरख गाडिलकर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "संस्थान के अंतर्गत 40 विभाग पूरी दक्षता से काम करते हैं। यहाँ तैनात लगभग 6,300 अधिकारी और कर्मचारी इसे केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि साईं बाबा की सेवा मानकर पूरे समर्पण और लगन से काम करते हैं। यह ISO सर्टिफिकेशन उनकी इसी निष्ठा का सम्मान है।"

उन्होंने बताया कि रोजाना लाखों श्रद्धालु शिरडी आते हैं। इतनी भारी भीड़ के बीच दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, आवास और भोजन की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र 24 घंटे सक्रिय रहता है।

इन तीन विभागों को क्यों मिला ISO सर्टिफिकेशन?

  1. सुरक्षा विभाग (Security Department):
    सीईओ गाडिलकर ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय में सुरक्षा विभाग ने अभूतपूर्व ईमानदारी का परिचय दिया है। परिसर में भक्तों द्वारा भूलवश छोड़े गए या खोए हुए करीब ₹96 लाख मूल्य के कीमती जेवरात, नकदी और निजी सामान को पूरी सत्यनिष्ठा के साथ उनके असली मालिकों तक वापस पहुँचाया गया। ऑडिट टीम ने सुरक्षा तंत्र की इस तत्परता और ईमानदारी की विशेष सराहना की।
  2. साईं मंदिर प्रबंधन (Temple Administration):
    प्रतिदिन लाखों भक्तों की भीड़ का सुचारू नियंत्रण, दर्शन कतारों का सटीक संचालन, मंदिर परिसर की स्वच्छता, नियमित पूजा-अर्चना और विशेष उत्सवों के त्रुटिरहित आयोजन के आधार पर मंदिर विभाग को यह सर्टिफिकेशन दिया गया।
  3. जनसंपर्क विभाग (Public Relations Department):
    देश-विदेश से आने वाले वीआईपी अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों के दौरों और अन्य प्रशासनिक प्रोटोकॉल व औपचारिकताओं को पेशेवर और सहज ढंग से संभालने के लिए पीआर विभाग को सम्मानित किया गया।

पहले भी संस्थान को मिल चुके हैं कई ISO प्रमाणन

शिरडी संस्थान के अन्य प्रकल्पों को भी पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा चुका है:

  • साईं प्रसादालय (2010): एशिया का सबसे बड़ा नि:शुल्क भोजन वितरण केंद्र माना जाने वाला 'साईं प्रसादालय' वर्ष 2010 में ही ISO सर्टिफाइड हो चुका है। यहाँ रोजाना औसतन 40,000 से 45,000 भक्तों को भोजन कराया जाता है, जबकि त्योहारों पर यह संख्या 90,000 तक पहुंच जाती है।
  • सफाई व्यवस्था (2014): मंदिर परिसर की विश्वस्तरीय स्वच्छता व्यवस्था को वर्ष 2014 में ISO सर्टिफिकेशन मिला था।
  • भक्तनिवास: इसके अलावा साईं आश्रम भक्तनिवास, साईं प्रसाद भक्तनिवास और द्वारवती भक्तनिवास को भी साफ-सफाई और उत्कृष्ट अतिथि प्रबंधन के लिए ISO मानक प्राप्त हैं।

संस्थान में तय मानकों की निरंतरता की जांच के लिए ISO ऑडिट टीम समय-समय पर शिरडी आकर निरीक्षण करती है। नियमों और सेवा प्रोटोकॉल की विस्तृत समीक्षा के बाद ही सर्टिफिकेशन का नवीनीकरण (रिन्यू) किया जाता है। विशेष बात यह है कि इस बार आईएसओ सर्टिफिकेशन को रिन्यू कराने का पूरा खर्च बेंगलुरु के साईं भक्त केशवमूर्ति ने श्रद्धापूर्वक वहन किया है।