बदरीनाथ में उमड़ी आस्था: पहले चरण में पहुंचे करीब 51 लाख श्रद्धालु, मुख्यमंत्री ने माणा में थामा पारंपरिक ताल

चमोली: बदरीनाथ धाम में इस बार आस्था का रिकॉर्ड बना है। यात्रा के पहले चरण में करीब 51 लाख श्रद्धालु धाम पहुंचे, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम पहुंचकर दर्शन किए और देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने बामणी गांव में स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक छछड़ी नृत्य में कदम मिलाए। पहाड़ी वाद्ययंत्रों की थाप पर हुए इस नृत्य ने महोत्सव का माहौल बना दिया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और अपने गांव की लोक परंपराओं से परिचित कराया।
मास्टर प्लान के कामों का निरीक्षण
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने धाम में चल रहे मास्टर प्लान के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इसमें आस्था पथ से जुड़े काम भी शामिल हैं, जिनका मकसद श्रद्धालुओं के लिए पैदल आवाजाही आसान बनाना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि काम गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरे किए जाएं।
- श्रद्धालु: पहले चरण में करीब 51 लाख लोग बदरीनाथ पहुंचे
- सांस्कृतिक आयोजन: देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव में लोक कलाकारों ने दी प्रस्तुति
- निर्माण: आस्था पथ समेत मास्टर प्लान के कार्यों का निरीक्षण
स्थानीय कारोबार को मिला सहारा
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या का सीधा असर धाम और रास्ते में पड़ने वाले कस्बों के कारोबार पर पड़ा है। होटल, भोजनालय, टैक्सी संचालन, पूजा सामग्री और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को काम मिला। सीमांत गांवों में होमस्टे की मांग भी बढ़ी है।
माणा और बामणी जैसे सीमांत गांवों को पर्यटन के नक्शे पर लाने की कोशिशें पिछले कुछ वर्षों में तेज हुई हैं। यहां की ऊनी बुनाई, स्थानीय अनाज और पारंपरिक व्यंजन पर्यटकों के बीच पहचान बना रहे हैं, जिससे गांव छोड़कर जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगने की उम्मीद है।
धाम में व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन का कहना है कि पंजीकरण प्रणाली, पेयजल, शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। यात्रा के अगले चरण में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
