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आईआईटी रुड़की का दीक्षांत समारोह संपन्न: दूसरे दिन बांटी गईं 1,424 उपाधियां, शोध छात्रों का रहा दबदबा

21 September 2026
आईआईटी रुड़की का दीक्षांत समारोह संपन्न: दूसरे दिन बांटी गईं 1,424 उपाधियां, शोध छात्रों का रहा दबदबा

रुड़की: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की का दो दिवसीय दीक्षांत समारोह रविवार को संपन्न हो गया। समारोह के दूसरे दिन कुल 1,424 उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों के विद्यार्थियों की रही। उपाधि मिलते ही परिसर तालियों और बधाइयों से गूंज उठा।

दूसरे दिन बांटी गईं उपाधियों में 903 स्नातकोत्तर छात्रों को डिग्री मिली। इसके अलावा 518 विद्यार्थियों को पीएचडी तथा पीएचडी दोहरी उपाधि प्रदान की गई, जबकि तीन विद्यार्थियों को शोध आधारित एमएस की उपाधि दी गई। शोध उपाधियों की इतनी बड़ी संख्या संस्थान में चल रहे अनुसंधान कार्य का संकेत मानी जा रही है।

मुख्य अतिथि ने दिया आगे बढ़ने का संदेश

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षवर्धन चितले शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तकनीक के बदलते दौर में लगातार सीखते रहने और समाज की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करने पर जोर दिया।

  • स्नातकोत्तर: 903 विद्यार्थियों को उपाधि
  • शोध उपाधि: 518 विद्यार्थियों को पीएचडी और पीएचडी दोहरी उपाधि
  • एमएस शोध: तीन विद्यार्थियों को शोध आधारित उपाधि

परिवारों के लिए गर्व का दिन

दीक्षांत समारोह में देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे अभिभावकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई विद्यार्थियों ने उपाधि मिलने के बाद अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

रुड़की का यह संस्थान देश के सबसे पुराने तकनीकी शिक्षा केंद्रों में गिना जाता है। यहां से निकले विद्यार्थी अभियांत्रिकी, अनुसंधान, प्रशासन और उद्योग के क्षेत्र में देश-विदेश में काम कर रहे हैं। संस्थान में जल संसाधन, भूकंप अभियांत्रिकी और अवसंरचना से जुड़े अनुसंधान की लंबी परंपरा रही है।

उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि परिसर में बिताए वर्षों ने उन्हें तकनीकी दक्षता के साथ-साथ टीम में काम करने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखने की सीख दी। कई विद्यार्थी अब शोध को आगे बढ़ाने या स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं।